Fake Dead Body : चिता से मिला शव की जगह निकला पुतला, 50 लाख वसूलने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा

Fake Dead Body : हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर श्मशान घाट पर उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने चिता पर रखे शव की जगह एक प्लास्टिक का पुतला देखा। घटना गुरुवार दोपहर की है, जब चार युवक एक कथित “शव” लेकर ब्रजघाट के श्मशान घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। उन्होंने चिता सजाई, कफन ओढ़ाया और विधि-विधान जैसा माहौल भी बना दिया।

लेकिन जैसे ही वहां मौजूद कुछ लोगों को शक हुआ और उन्होंने कफन हटाकर देखने की कोशिश की, तो सबके होश उड़ गए — शव की जगह पूरी तरह प्लास्टिक से बना एक डमी बॉडी मिली। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि दो आरोपी भाग निकले। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू हुई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह घटना कोई मज़ाक या अजीब हरकत नहीं बल्कि बड़ी बीमा धोखाधड़ी (Insurance Fraud) का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति के नाम से करीब 50 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी ली थी। योजना यह थी कि उस व्यक्ति को “मृत” दिखाकर अंतिम संस्कार कराया जाए, ताकि बाद में उसके नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर बीमा की भारी भरकम रकम क्लेम की जा सके। इसके लिए उन्होंने प्लास्टिक का पुतला खरीदकर उसे कफन में लपेट दिया, ताकि दूर से देखने पर वह असली शव जैसा लगे।

स्थानीय लोगों की सतर्कता से यह पूरी साजिश समय रहते पकड़ी गई। पुलिस ने पकड़े गए दोनों संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है, वहीं भागे हुए दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है और यह जांच की जा रही है कि क्या पहले भी ऐसे फर्जी अंतिम संस्कार कर बीमा कंपनियों को धोखा दिया गया है।

इस घटना ने पूरे हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसा धार्मिक एवं संवेदनशील कार्य, जिसे सम्मान के साथ किया जाता है, उसे धोखाधड़ी का साधन बनाना बेहद शर्मनाक है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने श्मशान घाटों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।

कुल मिलाकर, गढ़मुक्तेश्वर श्मशान घाट का यह मामला न केवल एक विचित्र घटना है बल्कि एक गंभीर आर्थिक अपराध, जिससे करोड़ों का बीमा फर्जीवाड़ा रोका गया। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही बाकी आरोपी भी गिरफ्त में होंगे।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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